ये ब्लोग कोलाज है शब्दो का क्योकि मै वह नहीं देख पाती जो सब देख पाते है.मेरी कविताओं मे अगर आप अपने को पाते है तो ये महज इतिफाक है । जिन्दगी की सचाईयाँ सबके लिये एक सी होती है सिर्फ नजरिया देखने का अलग अलग होता है ।
COPYRIGHT 2007.© 2007. The blog author holds the copyright over all the blog posts, in this blog. Republishing in ROMAN or translating my works without permission is not permitted. Adding this blog to Hindi Aggregators without permission is voilation of Copy Right .
ये ब्लोग कोलाज है शब्दो का क्योकि मै वह नहीं देख पाती जो सब देख पाते है.मेरी कविताओं मे अगर आप अपने को पाते है तो ये महज इतिफाक है । जिन्दगी की सचाईयाँ सबके लिये एक सी होती है सिर्फ नजरिया देखने का अलग अलग होता है । इस ब्लॉग पर जो भी लिखा मेरा निजी हैं उस दृष्टि कोण से आप असहमत हो तो कविता पढ़ कर भूल जाये और आगे जा कर अपनी पसंद के विचार खोजे

Monday, May 23, 2011

सजा

किसी को कभी
सजा देनी हो
तो
छीन लो उससे
हर वो हसीन याद
जो तुम से जुड़ी हो
भर दो उसके मन में
अपने लिये नफरत
जलने दो उसको नफरत की आग में
क्युकी नहीं हैं अधिकार किसी को भी
सहजने का उन हंसीन यादो को
जो थाती हैं सिर्फ तुम्हारी

Friday, May 20, 2011

बरसो के सम्बन्ध की बरसी

बरसो के सम्बन्ध की बरसी
जब भी आती हैं
अपने साथ एक और बरस
यादो का दे जाती हैं