ये ब्लोग कोलाज है शब्दो का क्योकि मै वह नहीं देख पाती जो सब देख पाते है.मेरी कविताओं मे अगर आप अपने को पाते है तो ये महज इतिफाक है । जिन्दगी की सचाईयाँ सबके लिये एक सी होती है सिर्फ नजरिया देखने का अलग अलग होता है ।
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ये ब्लोग कोलाज है शब्दो का क्योकि मै वह नहीं देख पाती जो सब देख पाते है.मेरी कविताओं मे अगर आप अपने को पाते है तो ये महज इतिफाक है । जिन्दगी की सचाईयाँ सबके लिये एक सी होती है सिर्फ नजरिया देखने का अलग अलग होता है । इस ब्लॉग पर जो भी लिखा मेरा निजी हैं उस दृष्टि कोण से आप असहमत हो तो कविता पढ़ कर भूल जाये और आगे जा कर अपनी पसंद के विचार खोजे

Wednesday, October 30, 2013

मिलती तो बस एक जिंदगी हैं

मिलती तो बस
एक जिंदगी हैं

अच्छी या बुरी
तो उसको हम
 बनाते हैं

कुछ जी लेते हैं
कुछ काट लेते हैं
और कुछ बस यूँही
बिता देते हैं

मिलती तो बस
एक जिंदगी हैं


 

Monday, October 14, 2013

आदत हैं

आज फिर कुछ पुराने शब्दों को पढ़ा
मन कुछ भटका , दर्द का अहसास भी हुआ
पर
फिर अपने पर  फक्र भी हुआ
नहीं कर सका था एक भी शब्द
तब भी मुझे विचलित
चलने को उस रास्ते पर
जिसकी मंजिल केवल और केवल अँधेरा होती हैं
खुद को  रोकना  नहीं था तभी भी आसान
पर  आदत हैं मुश्किल राह पर चलने की
और सही के साथ रहने की