हिंदी के समक्ष मुख्यत: दो चुनौतियां हैं – पहली भूमंडलीकरण के विरुद्ध सार्थक प्रतिरोध दर्ज करने की और दूसरी नवसाक्षरों में उभरी चेतना के उबाल को किन्हीं बड़े मूल्यों से जोड़ने की। हिंदी तो दो पाटों को जोड़ता पुल है। इसी कारण से इसे उस भाषा की अनुगामिनी बनने की नियति प्रदान की गई जिसके खिलाफ स्वतंत्रता संग्राम के दिनों में हिंदी तन कर खड़ी हुई थी।
3 comments:
हिंदी दिवस पर
बहुत ही रोचक पोस्ट
हिन्दी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
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जय हिंद जय हिंदी राष्ट्र भाषा
हिंदी के समक्ष मुख्यत: दो चुनौतियां हैं – पहली भूमंडलीकरण के विरुद्ध सार्थक प्रतिरोध दर्ज करने की और दूसरी नवसाक्षरों में उभरी चेतना के उबाल को किन्हीं बड़े मूल्यों से जोड़ने की।
हिंदी तो दो पाटों को जोड़ता पुल है। इसी कारण से इसे उस भाषा की अनुगामिनी बनने की नियति प्रदान की गई जिसके खिलाफ स्वतंत्रता संग्राम के दिनों में हिंदी तन कर खड़ी हुई थी।
बहुत सही!
हिंदी दिवस पर बहुत बहुत हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनाएं ..
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