ये ब्लोग कोलाज है शब्दो का क्योकि मै वह नहीं देख पाती जो सब देख पाते है.मेरी कविताओं मे अगर आप अपने को पाते है तो ये महज इतिफाक है । जिन्दगी की सचाईयाँ सबके लिये एक सी होती है सिर्फ नजरिया देखने का अलग अलग होता है ।
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ये ब्लोग कोलाज है शब्दो का क्योकि मै वह नहीं देख पाती जो सब देख पाते है.मेरी कविताओं मे अगर आप अपने को पाते है तो ये महज इतिफाक है । जिन्दगी की सचाईयाँ सबके लिये एक सी होती है सिर्फ नजरिया देखने का अलग अलग होता है । इस ब्लॉग पर जो भी लिखा मेरा निजी हैं उस दृष्टि कोण से आप असहमत हो तो कविता पढ़ कर भूल जाये और आगे जा कर अपनी पसंद के विचार खोजे

Thursday, August 07, 2014

दर्द

दर्द बस यही सबसे ज्यादा अपना होता हैं
अपना दर्द ना किसी को दिया जाता हैं
अपना दर्द ना किसी से बांटा जाता हैं 

कोई आप से  इसको माँगता भी नहीं हैं
इसकी चाह भी किसी को नहीं हैं
कोई इसको आप से छीन भी नहीं सकता

और सबसे बढ़िया बात
इसका दिखावा भी आप नहीं करते
सो  खोने का भय भी नहीं होता



1 comment:

kamlesh kumar diwan said...

sahi hai achchi kavita hai